Home सामान्य ज्ञान बल का एस आई मात्रक क्या है | Bal Ka SI Matrak kya Hai, Hota Hai
बल का एस आई मात्रक क्या है | Bal ka bal si matrak kya hai

बल का एस आई मात्रक क्या है | Bal Ka SI Matrak kya Hai, Hota Hai

by Umeeka

बल का एस आई मात्रक क्या है | Bal Ka SI Matrak kya Hai, Hota Hai

हम अपने दैनंदिन जीवन में सुबह से लेकर शाम तक छोटे छोटे काम करते है। जिनमे बल यानी (Force) का उपयोग हम करते है।  लेकिन, आखिर ये बल क्या है और बल का एस आई मात्रक क्या है , इस लेख  में हम जानेंगे। कोई भी काम करने के लिए हमें force यानि बल की आवश्यकता होती है। जैसे अगर हमें कोई वस्तु को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना हो , तो हम उसे उठाने की कोशिश करते है।  जब भी उस वास्तु को उठा रहे होते है तोह हम उस वस्तु पर बाहरी बल लगाते है। ये हुआ आसान सी भाषा में बल की परिभाषा।

बल का एस आई मात्रक क्या है | Bal Ka SI Matrak Kya Hai

न्यूटन | Newton  इसे N से दर्शाते है। 

बल की परिभाषा क्या है ? | Bal Ki Paribhasha Kya Hai ?

बल वो होता है जो किसी भी वस्तु के स्तिथि में परिवर्तन ला सके। उदाहरण : अगर हम किसी गेंद को हवामे उछाले , तो वह गेंद एक गति में ऊपर जाती है। तो हमने गेंद को जैसे ही उछाला वह हमारा बल वह लग गया। वैसे ही अगर हम क्रिकेट का उदाहरण ले तो , गेंदबाज बल्लेबाज को गेंद डालता है तो वह भी उस गेंद को बल लग गया , और बल्लेबाज ने उस गेंद को बौंडरी तक पहुँचाया तो वह भी बल लग गया। बल के बहुत सारे प्रकार है ,और वह हम इसी लेख में देखेंगे।  और जाने 

बल की परिभाषा | बल का एस आई मात्रक क्या है

बल के प्रकार | Bal Ke Prakar

  • पेशी बल
  • विद्युत् बल
  • चुंबकीय बल
  • यांत्रिक बल
  • घर्षण बल
  • गुरुत्वाकर्षण बल

पेशी बल

इसे हम अपने रोजाना के कार्य के साथ समझते है। जैसे की किसी वस्तु को उठाना या रखना। इसमें हम हमारी मांसपेशियो की मदत से यह कार्य कर सकते है। और इनके वजह से जो बल लगता है उसे हम पेशी बल कहते है।

उदाहरण : खुर्सी को उठाना या रखना , मोबाइल को चार्जिंग लगाना।

चुंबकीय बल

चुम्बकीय बल , वो बल है जो विदूयत आवेशित कणों के बिच में उनकी गति से बनता है। चुंबको के ध्रुवो के बिच में जो बल होता है  उसे हम चुंबकीय बल कह सकते है।

यांत्रिक बल

यांत्रिक बल , वह बल है जो किसी दो वस्तुओं के बीच में  संपर्क होता है , जिनमे एक वास्तु बल लगाती हो और दूसरी वस्तु स्थिर स्थिति में हो।

उदाहरण : दरवाजा खोलना या बंद करना।

गुरुत्वाकर्रषण बल

इसे एक आसान उदाहरण से समझते है , जब भी हम किसी वास्तु को हवा में उछलते है तो वह गुरुत्वाकर्षण के कारन निचे जमींन पर गिरती है उसे हम गुरुत्वार्कषण बल कहते है।

उदाहरण : कोई भी वस्तु हाथ से फ़िसलने से निचे गिरना।

 

आशा करता है की यह लेख आपको अच्छा लगा होगा | ऐसे ही और लेख के लिए हमारे ब्लॉग को अवश्य भेट दे। हमें अभिप्राय दे इस ईमेल पर  [email protected] धन्यवाद। 

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